यूँ तो न हुईं मेरी राहें रौशन, मैंने बाप को जलते हुए देखा है -- अम्बष्ठ

काश एक शायरी कभी,तुम्हारी कलम से ऐसी भी हो,जो मेरी हो मुझ पर हो और,बस मेरे लिए ही हो..!!

झूठे इल्जामों की फिक्र ना करें वक्त का ग्रहण चाॅंद ने भी झेला था!!

चार दिन की जिंदगीकुछ भी गिला न कीजिये,दवा, जाम, इश्क़, जहर जो मिले मजा लीजिये

मुझसे ही क्यो पूछते हो सब, उनके बारे में, कभी उनसे भी पूछ लिया करो, मेरे बारे में...

Translate »