छुड़ा के उंगली पापा ने सलाह दी, अकेले चला कर बेटे सहारे ठीक नहीं होते...

पिता की दौलत नहीं, केवल उसका साया ही काफी होता है...

एक तरफ है खामोशी एक तरफ है बरसो का इंतज़ार, फिर भी ऐसी मोहब्बत का एक अलग ही रुतबा और सुकून...

न चन्द्रमुखी न पारो२ पेग मारो और जिन्दगि आराम से गुजारो !!

नींद से इतना भी प्यार न करो कि मंज़िल भी ख्वाब बन जाए !

Translate »