मसरूफ हो बोहोत तुम ... कहो खुश तो हो ना तुम ...

न मैं गिरा और न मेरे हौसलों के मीनार गिरे। पर, लोग मुझे गिराने में कई बार गिरे...

अहंकार करने पर इंसान की प्रतिष्ठा, वंश वैभव तीनों ही समाप्त हो जाते हैं।

बुरी आदतें समय पर ना बदली जायें , तो वही बुरी आदतें समय बदल देती हैं ...

दोस्त हो या प्यार उन्हें छोड़ देना उचित है , जो आपके होने का मूल्य ना जानते हों ...

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