उसने हमें छोड़ा शायद कदर नहीं थी इश़्क़ की, हम अपनी वफाओं के बादशाह तो आज भी हैं..!!
संभलना था हमें,, साथ फिसलते चले गए,, ना चाहा फिर भी,, उसकी चाहत में संवरते चले गए,, अंज़ाम मालूम था,, फिर भी आगे बढ़ते चले गए,, तिनका तिनका जोड़ा था ख़ुद को,, दूरियों में बिखरते चले गए,, अब तकलीफ़ ये...
जिंदगी भर किसी का साथ चाहिए तो सुनो, मोहब्बत से अधिक उसकी जरूरत बनें रहो !
अगर तुम कहो तो मैं खुद को भुला दूं,तुम्हे भूल जाने की ताकत नही है.
जब भी दुनिया ने मुझसे प्रेम की पूर्ण परिभाषा पूछीं मैं कागज़ पर केवल तुम्हारा नाम ही लिख पाया।