दुःख देखिएहम सब अकेले हैंफिर भी हमारे पास समय नहीं हैकिसी अकेले के लिए। नरेश गुर्जर

इस मुल्क की रीत है कि यहाँ लडकियाँ ब्याह कर दिलों में नहीं, घरों में जाती हैं। राही मासूम रजा

अहंकार स्वाभाविक हैविनय सीखना पड़ता है ~ अज्ञेय

फूलों के दिन मेंपौधों को प्यार सभी जन करते हैं,मैं तो तब जानूँगी जबपतझर में भी तुम प्यार करो !! ❤️

इस देश में पिता की इज़्ज़त बेटियां संभालती हैं और सम्पति बेटे। ~ दीपाली दास

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