बेनूर हूँ, बेसब्ज हूँ, मशरूफ़ खुद में हूँ क़ाबिल नहीं मैं, मेरी अक़ीदत न कीजिये

बेरोज़गार के लिए, रोज़गार ही त्योहार होते हैं…

घमंड में मत रहिए, अर्श से फर्श तक आने में, वक़्त भी नहीं लगता..!!

उसे छोड़ देना ही उचित हैं, जो आपके होने का मूल्य ही न समझे…

भरोसा कोई एक तोड़ता है, नफरत सबसे होने लगती है...

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