प्रेम , प्यास, प्रयास की अपनी जिद होती हैंऔर अपने ही रास्ते

जब किस्मत बदलती है तो,गैरों से ज्यादा अपनों की जलती हैं।

चढ़ते सूरज के पुजारी तो लाखों हैं 'फ़राज़'डूबते वक्त हमने सूरज को भी तन्हा देखा ~ अहमद फ़राज़

मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।कह कबीर हरि पाइए मन ही की परतीत।।"

पतन पराजय से नहींउसे स्वीकार करने से होता है ~ नरेश सक्सेना

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