वृक्ष के समान बनो जो कड़ी गर्मी झेलने के बाद भी सभी को छाया देता है। महाकवि कालिदास

अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप। अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप॥ ~कबीरदास

अगर पैसा और संबंध दोनों में से एक को महत्व देना पड़े तो, संबंध को बचाना पैसा तो आता जाता रहेगा..!!

यहीं अंतिम मिलन हुआ था हम दोनो का, इसी जगह पर आने से मेरी रूह काँपती है.

कोई भी इंसान इतना खूबसूरत नहीं होताजितना उसे उसका चाहने वाला बना देता है

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