वो आईना भी कितना खुश क़िस्मत होगाजो हर सुबह तुम्हारा दीदार करता होगा….!!
ये गर्मी भी बिल्कुल तुम्हारे ही जैसी है……आजकल सुबह भी तुम्हारे जैसी है,थोड़ी तपिश तो थोड़ी चमक सी है,और सुबह के बाद शाम का इंतजारबिल्कुल तुम्हारे इंतजार के जैसा बेसब्री सा
एहसास ना रहे तो रिश्ते को उतार देना ही बेहतर हैतआलूक तकल्लुफ बन जाऐ तो अक्सर बोझ लगता है !!
हर समस्या का समाधान होता है…तो अब इस समस्या का समाधान क्या है ?
वह झूठ बोल रहा था बड़े सलिके से ,,मैं ऐतबार न करता तो क्या करता..!!