वो जो कभी रुक नहीं पायेतुम्हारी तोहमतों से भीवो जो चुपचाप चलते रहेसौंधी मुस्कान लिए वही प्रेमी हैं ..! -मनीषा शर्मा

लोग खुद पर ध्यान नहीं देंगेलेकिन दूसरों को ज्ञान जरुर देंगे….!

मैं केवल दो लोगों को ही सुंदर लगता हूं मम्मी को और कपड़ा बेचने वालों को

कोई ऐसी कला, कोई विधा, कोई शब्द, कोई गुण कोई आचरण बना ही नही जिससे कोई भी अनमना न हो, जिससे किसी को भी शिकायत न हो.

"बहुत कुछ टूटता है तब नया बनता है।" ~ गिरिजा कुमार माथुर

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