आँखों से जो बह रहा कहो न इसको नीरपलकों से ही छलक गयी हृदय कलश की पीर …!!

सफल रिश्तों के यही उसूल हैं,बातें भूलिए, जो फिजूल हैं…

वो जो कभी रुक नहीं पायेतुम्हारी तोहमतों से भीवो जो चुपचाप चलते रहेसौंधी मुस्कान लिए वही प्रेमी हैं ..! -मनीषा शर्मा

लोग खुद पर ध्यान नहीं देंगेलेकिन दूसरों को ज्ञान जरुर देंगे….!

मैं केवल दो लोगों को ही सुंदर लगता हूं मम्मी को और कपड़ा बेचने वालों को

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