आज फिर ग्रह मिले है, आज फिर कायनात ने संदेश भेजा है ,आज फिर उसकी याद आईं है, आज फिर गलतियों पर रोना आया है ,आज फिर …..।।
वो शहर की पढ़ाकू लड़की , मैं गांव का आवारा ,उसे किताबों से मोहब्बत हैं , मुझे उससे ,वो देख कर देखती नहीं , मैं देख कर संभालता नहीं ,वो नजरें मोड़ लेती हैं , मैं दुनिया छोड़ देता हूं
हर किसी पर विश्वास कर लेना खतरनाक है,किसी पर भी विश्वास न करना बहुत खतरनाक है.
कितनी गफलत में ज़िंदगी गुज़र रहा हूँ, मत पूछो।
चराग़ ढूंढ़ रहा हूँ, हाथ में अंधेरा लिए...
लोगों को खिलाना अच्छा है,
अपने अहंकार को खिलाना बुरा है...