रहने को सदा दहर में आता नहीं कोईतुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई ~ कैफ़ी आजमी

माँ बनने की पीड़ा एक बाँझ औरत बख़ूबी जानती है, गर्भ में संतान न होने का दर्द प्रसव पीड़ा से भी ज़्यादा असहनीय होता है।

इश्क हारा है तो दिल थाम के बैठें क्यों हो , तुम तो हर बात पे कहते थे कोई बात नहीं ।।

ज़िंदगी में इतने मंज़र देख लिए है कि दिल अब हर छोटी छोटी सी बातों से डरता है।

अगर जो चाहा है वो नही मिला..तो एक बार जो मिला है उसे चाह कर देखो..!!

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