नाराज़ हो जाते हैं अब वो साहब जब जवाब हम उन्हें उनके ही लहज़े में देते हैं

क्यूँ न आए दुआओं 🤲 पर यकीन.गिरते गिरते सम्भल जो गया हूं मैं..!!

पीठ से निकले खंजरों को जब गिना मैने..।ठीक उतने ही निकले जितनों को गले लगाया था मैने..!!

बुरा लगता है ना,,,जब कोई अपनागैर बन जाता है ,,, दर्द होता है ना,,जब कोई सालोंका रिश्ता पल भरतोड़ देता है ना ,,,, अच्छा नहीलगता है ना,,,, जब कोई जानकारअजनबी बनजाता है ना,,,,,

खाली होना भी एक दुख हैजैसे जेब का खाली होंना,मन का खाली होंना,दिन का खाली होंना,जीवन का खाली होंना,किसी किताब के पन्ने का खाली होनाहालांकि सब अलग अलग रूप से असर करते हैं

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