बड़ी कस केबांधे रक्खी है मुझेयादें तेरीबिछड़ना मुझे भी नहीइन से…..

तुम बदलो तो मजबूरियां है बहुत,हम बदले तो बेवफा हो गए ….!!

वो ज़माना अब नहीं रहा दोस्तों,जब लोगों को किसी से बिछड़कर अफ़सोस होता था।

डिप्रेशन और टेंशन में रहने से अच्छा है कि..आकर मेरे दिल में रह लो🎉❤️🐒

किताबें हमें रोटी नहीं देतीं लेकिन यह बताती ज़रूर हैंकि हमारे हिस्से की…….रोटी कौन खा रहा है !!

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