जिसे आपके गुस्से की परवाह नहीं, यकीं मानो उस व्यक्ति को तुमसे कोई लगाव नही॥

सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाऊँगा मैं इस बात को, कि बहुत गौर से देखा था तुमने मेरी चाय को ...

जिसे देखो वो दुःखी है .. आखिर ये खुशी जा कहां रही है ...

तारीफ़ें दिन बनाती हैं और ताने ज़िन्दगी।

इंसान के समाज में होने से कहीं अधिक जरूरी है, इंसानियत का समाज में होना....!!

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