खुद्दार दुश्मन के आगे नाक रगड़ देनामगर गद्दार दोस्त से फिर कभी हाथ मत मिलाना
किसी की परवरिश पर उंगली उठाने से पहले,स्वयं के संस्कारों का भी आंकलन कर लेना चाहिए...
वो ख़्वाब रात काचाय साँझ कीबारिश की बूंदें रूमानीवही समां पुरानाधड़कनों से बतियानाबदला नहीं है कुछ भीवही मिज़ाज़ आशिकानाचलो निभाते हैं हम तुमवही पुराना याराना लेकर चुस्कियाँ चाय कीकरेंगे गुफ्तगू शायराना
कीचड़ में पत्थर नहीं मारा जातासूखने का इंतज़ार किया जाता है
वक़्त देता है दिलासा देकर हाथों में हाथयकीन रखो करेगा ऊपरवाला ही इंसाफ़