इतना दानी नहीं समय जोहर गमले में फूल खिला दे,इतनी भावुक नहीं ज़िन्दगीहर ख़त का उत्तर भिजवा दे, ~ गोपालदास नीरज

अजीब हैं मेरा अकेलापन. न तो खुश हूँ,न ही उदास हूँ, बस खाली हूँ और खामोश हूँ..

नाराज़गी कभी वहाँ मत रखिये !जहाँ आपको बताना पड़े कि आप नाराज़ हो !!

आदमी की सबसे अच्छी नस्लयुद्धों में नष्ट हो गई,देश का सबसे अच्छा स्वास्थ्यविद्यालयों मेंसंक्रामक रोगों से ग्रस्त है ~ धूमिल

बदला लेने में वो मज़ा नहीं जो ,खामोशी से बदल जाने में है …

Translate »