हर शायरी किसी ना किसी के लिये एक गुमनाम खत है..!
जो किसी के घर के पते पर नही मन की,दहलीज पर खुलती है।
परेशानी और दुख में अनुभव और सीख मिलती है,
वह सीख दुनिया का कोई भी स्कूल नहीं दे सकता...!!
हर व्यक्ति के जीवन में कोई कमी जरूर रह जाती है।
ताकि वह समझ सके कि दुनिया इंसान नहीं
ऊपर वाला चलाता है !
जब जब तू गीत मोहब्बत के गाएगी,
मेरी रूह को अपने आसपास ही पाएगी,
और नहीं हुआ मुकम्मल इश़्क़ तो ग़म मत करना,
मैं मौजूद रहूंगा तेरे संगीत में, जब भी तू साज बजाएगी..!!
विरक्ति
हर बात पर शुक्र करना ये भी अल्लाह पाक की
नेमत है, कयोंकि अल्लाह पाक शुक्र करने की
तौफीक उन्हीं को देता है, जिससे वो राजी होता है