कुछ भी मेरा नही मेरे पास, ये बदुआये भी लोगों की दी हुई है..

थकान भरी है जिंदगी.... पर मुझे अब खुद से छुट्टी चाहिए..!!

जो जीवन में महत्वपूर्ण होता है जीवन में वो ठहराता नहीं इस लिए उसको महत्व दो जो ठहर रहा है तुम्हारे साथ...!!!

बाप गरीब जरूर है लेकिन इस बेटी के लिए , एक राजा की तरह सभी ख्वाइशें पूरी करता है ।।

मज़दूर स्त्रियों के साथ अपने खेत में धान की रोपनी की..! नेहा सिंह राठौर

Translate »