प्रेम करुणा बन के आंखो से न बहे तो.. समझो अंतर मन में उतरा ही नहीं...!!

खलिश तेरी "आंखों" कि बयां करती है, तूने बसाए हैं "दुखों" के समंदर इनमें..!! विरक्ति

"कुछ लोग पाँवों से नहींदिमाग़ से चलते हैंये लोगजूते तलाशते हैंअपने दिमाग़ के नाप के।" नरेश सक्सेना

आज वो मेरे कफ़न का पूरा इंतज़ाम कर के आयी हैं, सुना है मेहंदी पर किसी और का नाम लिखा कर आयी हैं..!!

खुशियां हर तरफ हैं.... इंसान है की बस देखता एक तरफ है..!!

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