कहानी शुरू हुई है तो खत्म भी होगी किरदार काबिल हुए तो याद रखे जाएंगे!

अपने घर से नए शहर निकलते वक्त बस यहीं सोच कर सब्र किया कि,"कुछ होना भी चाहिए छुटने को, एक दिल ही हैं अब बस टूटने को!"

यदि लक्ष्य न मिले तो रास्ते बदलो लक्ष्य नहीं, क्योंकि वृक्ष अपनी पत्तियाँ बदलते है जड़ें नहीं...

शरीर की हिफाजत धन से भी अधिक करनी चाहिए, क्योंकि शरीर बिगड़ने के बाद धन भी उसकी हिफाजत नहीं कर सकता।

✯||तेरा होना ही सुकून हैं और तुझे पा लेना जन्नत...||✯ᵈ ✯ᵈ᭄•समंदर...༈

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