बरसात गिरी और कानों में इतना कह गई, गर्मी किसी की भी हो हमेशा नहीं रहती..

सुनो , ये इश्क़ , ये मोहब्बत , ये वफ़ा , अज़ी , सब वसीले है दिल दुखाने के...

!!कर्जदार रहेंगे हम उस हकीम के... जिसने दवा में उसका दीदार कर दिया...!!

“मनुष्य दूसरों की दृष्टि में कभी पूर्ण नहीं हो सकता, पर उसे अपनी आँखों से तो नहीं ही गिरना चाहिए.! ” जयशंकर प्रसाद

अगर स्त्री के प्रेम में जिद्द न होती , तो मंदिर में कृष्ण के बाजू में राधा ना होती !!

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