आपसे बिछुड़े तो ख़ुद को और बेहतर कर लिया आँख दरिया कर न पाए दिल को पत्थर कर लिया नीलोफ़र नूर

अब शहर भर जाते हैं, और लाइफ खाली हो जाती है। अनघ शर्मा

“मनुष्य दूसरों की दृष्टि में कभी पूर्ण नहीं हो सकता, पर उसे अपनी आँखों से तो नहीं ही गिरना चाहिए.! ” जयशंकर प्रसाद

तेरे जानें से ज्यादा फ़र्क नहीं पड़ा जहा दिल होता था अब वहा दर्द होता हैं.

अगर हमे छोड़कर वो खुश है, तो शिकायत कैसी, अब हम उन्हें खुशी भी न दे, तो महोब्बत कैसी...

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