रात देर तक तेरी दहलीज पर बैठी रहीं आँखें, खुद न आना था तो कोई ख्वाब ही भेज दिया होता।

वक्त किसी का उधार नहीं रखता.. जो दोगे वो सूद समेत वापिस मिलेगा..!!

लोगो से कह दो हमारी तकदीर से जलना छोड़ दे हम घर से दवा नही ‘माँ की दुआ' लेकर निकलते है।

गौरव गान फिर से ऊंचा होगा । चाँद पर भी एक तिरंगा होगा ।

जरूरत जिन्हें दिमाग की हो, उन्हें दिल कभी मत देना.....

Translate »