आप ऐश कीजिए जेब में रखीं दौलत से , मैं तो झोले में इंसानियत रखकर खुश हूं ।।

इश्क से नशीला कोई नशा नहीं है, घूंट–घूंट पीते है और कतरा कतरा मरते है...

सपेरों ने सांपो को ये कहकर बंद कर दिया, इंसान ही काफ़ी है इंसान को डसने के लिए।

अपने पैरों पे खड़े होकर मरना.. घुटने टेक के जीने से कही बेहतर है..!!

मंजिल चाहें कितनी भी ऊँची क्यों न हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते है।

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