जिंदगी का सबसे कठिन काम है, सही इंसान की पहचान करना....

रावण में लाख बुराई थी फिर भी उसके राज्य में किसी स्त्री को निर्वस्त्र कर घुमाया नहीं गया था

किताबें पढ़ो तो औरते कमजोर, और दीवारें पढ़ो तो मर्द कमजोर...

जाने किस हुनर से ख़ुदा हो जाते हैं लोग एक हम हैं कि सलीके के इंसाँ न हो सके

मैंने झूठ के बहाने नहीं बनाए, इसलिए भी हम बहुत ज़्यादा उसको नहीं भाए, मेरा सच ही मेरी ज़िंदगी है, जिसको निभाना है निभाए, जिसको नहीं निभाना ना निभाए.

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