किसी के दर्द का बैंडेज ना बनो क्योंकि जब,
घाव भर जायेगा तो कूड़े में फेंक दिए जाओगे...
"पड़ते जिस ओर चरण मेरे
भूगोल उधर दब जाता है।"
दिनकर जी
चश्मदीद अन्धा बना, बहरा सुने दलील
झूठों का है दबदबा, सच्चे हुये ज़लील
मत सोचो जिंदगी बोझ है...
खुश रहो क्योंकि समस्या तो रोज है..!!
इरादा है बदलने का तो कोशिश कर बदलने की
अगर सूरज नहीं है तो चराग़ों से उजाला कर
मिलेगी हार या फिर जीत का परचम उठाएगा
नतीजा जो रहे लेकिन नया सिक्का उछाला कर
राघवेंद्र द्विवेदी