अभी भरा नहीं था गम पति के जाने का,
उससे पहले रिश्तेदारों ने बेघर कर दिया,
भरे नहीं थे घाव एक मां कि चूड़ी टूटने के,
बच्चा बड़ा होने से पहले उन्हें लावारिस कर दिया..!!
जो आप को बड़े क़रीब से,
जान लेते हैं एक दिन वही आप की जान लेते हैं !!
थक गया हूं मेहमान की तरह घर जाते जाते,
बेघर हो गए हम चंद रुपए कमाते कमाते..!
हर चीज़ महंगी होती जा रही है
सस्ता है तो बस इंसान और उसके जज़्बात.!!
मैं तुम को भूल तो जाऊँ .. मगर छोटी सी उलझन है,
सुना है दिल से धड़कन की जुदाई .. मौत होती है