दो चार मिस यूनिवर्स तो उस पर यूँ ही कुर्बान कर दूँ, आपने देखी कहा है साड़ी मे तस्वीरें मेरी जान की ..

महंगाई जैसा इश्क़ है मेरा, कमबख्त बढ़ता ही जा रहा है।

कुछ इस तरह लगना तुम गले मुझ से, कि छीन लेना मन की उदासियां सारी .!

सोच ब्रांडेड होनी चाहिए, ये जूते ये कपड़े ये मोबाईल तो आते जाते रहते हैं…

जूते घिसकर बनाई गई पहचान और , जूते चाटकर बनाई गई पहचान मे फर्क होता है ...

Translate »