मसला सकून का है जान,
वरना जिस्म बाज़ार में भी मिलता है...
सिपाहियों बैरिकेड लगवाओ
मेरे किसान आये हैं
मेरे किसान आये हैं
नुकीले भाले बिछवाओ
मेरे किसान आये हैं
मेरे किसान आये हैं
भक्तों गालियाँ बरसाओ
मेरे किसान आये हैं
मेरे किसान आये हैं
इश्क़ का ज़िक्र तो बेहद ही 'आम होता है
पर इश्क़ नहीं है वो जो सर-ए-'आम होता है
तेरी आँखें नीले आसमान को लज्जित कर देती हैं,
तेरा मुस्काना फूलों को भी फीका कर देता है।
तेरे बालों की लहरों में, समंदर भी खो जाएगा,
तेरी आवाज़ से बुलबुल की चहचहाहट फीकी पड़ जाएगी।
तू है अपनी खूबसूरती में बेमिसाल।
तुझमें सारी सुंदरता...