किसानों को नहीं रोक पाई कीलें , बैरिकेड को तोड़ दिया किसानों ने , अब लगता है हमारे देश के 'नैया' किसान ही पार करवाएंगे , जय जवान जय किसान

शुरुवात तो सभी अच्छी करते हैं, मसला तो सारा आखिर तक, अच्छे बने रहने का हैं..!!

मसला सकून का है जान, वरना जिस्म बाज़ार में भी मिलता है...

सिपाहियों बैरिकेड लगवाओ मेरे किसान आये हैं मेरे किसान आये हैं नुकीले भाले बिछवाओ मेरे किसान आये हैं मेरे किसान आये हैं भक्तों गालियाँ बरसाओ मेरे किसान आये हैं मेरे किसान आये हैं

इश्क़ का ज़िक्र तो बेहद ही 'आम होता है पर इश्क़ नहीं है वो जो सर-ए-'आम होता है

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