तूफ़ान तेज था
अचानक से आया
हवायें मज़बूत थी
तोड़ना मुश्किल था
मुझे अंदाज़ा था कि
आए बिना मानेगा नहीं
रास्ते बंद करती तो
तोड़फोड़ करता
फिर दो दरवाज़ों को खोल दिया
एक आने का
एक जाने का
और थोड़ा...
मैं टूट कर रोने वालों में से नहीं हूंँ,,
जो मुझसे खफा हो वो शौक से दफा हो..!!
अगर मैं सबके जैसा होता,
तो यकीन करो इतना परेशान ना होता...
किसानों को नहीं रोक पाई कीलें ,
बैरिकेड को तोड़ दिया किसानों ने , अब
लगता है हमारे देश के 'नैया' किसान ही
पार करवाएंगे , जय जवान जय किसान
शुरुवात तो सभी अच्छी करते हैं,
मसला तो सारा आखिर तक,
अच्छे बने रहने का हैं..!!