तेरे ख़्वाबों से
अच्छे मेरे ख़्यालात है,,,
तुम ख़्वाबों मे भी दगा करते हो
कितना भी चाहूँ
तुम मेरे नहीं होते,,,,
पर ख्यालतो मे तुझे
मुक्कुमल पा लेता हूं
प्रेम से अनमोल भला
क्या तुम इस जग में पाओगे
ढूंढो तुम ईश्वर को
उसे बंधा प्रेम में पाओगे
खामोश रहना हमें वहीं सिखाते है
जिनसे हम बात करना चाहते हैं ..!!
कभी बदन दर्द, सिर दर्द तो कभी उनकी सांस फूल जाती है,
बेटा अगर प्यार से गले लगा ले, तो मां हर दुख भूल जाती है..
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