सुनो ये हकीक़त बहोत पुरानी है चाय आज भी दिल की राजधानी है...

सकारात्मक विचार कड़वे जरूर होते हैं मगर इनका परिणाम हमेशा सुखद होता है।

क्या तुम.. नही मिलोगी यह पूछतीं हैं मुझसे बेचैन सांसें मैं बस टकटकी लगाकर सुनसान सड़क के उस मोड़ को देखता रहता हूं जहां से तुम ओझल हो गई थी इस आस में.. कभी तो समय की ये बेरहम धुंध छटेगी और तुम.. लौट आओगी...

जिनके पास लक्ष्य नहीं होता, उनका मन उन्हें फालतू कामों और तनाव में उलझा कर रखता है।

सफर मुस्किल है मगर काटेंगे अकेले ही..!

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