मेरे कांच जैसे दिल मे, कुछ पत्थर जैसे लोग रहते है। ❤️‍🩹

अपने हौसलों को , ये खबर करते रहो.. जिंदगी मंजिल नहीं , सफर है ‘ चलते रहो..!!

न तो ईश्वर है न आत्मा होती है, पुनर्जन्म भी नहीं होता है, जो है बस यही जिंदगी है। गौतम बुद्ध

खामोशी गवाह है, इंसान अंदर से थक चुका है...

फस गया हूँ जिंदगी के कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु की तरफ , बचाने कोई आने वाला नही और मैदान मैं छोड़ूंगा नही..

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