हटा पतझर के पहरा, तनिक मधुमास आवे द उदासल मन का देहरी पर, किरिन सविलास आवे द। कसक एतना, मसकि जाता करेजा, दर्द अइसन बा जिये के होसिला लेके, नया उल्लास आवे द। झुकल आकास देखता, घुटन से जिन्दगी ऊबल चुकल एहसास, बिनती बा, नया...

एक ही चाहिए लेकिन परमानेंट चाहिए, जिसे परेशान भी में करूं और प्यार भी करूं…!!

कई बार हम लोगों को इसलिए भी खो देते है.. क्यूंकि हम उनके लिए जरूरत से ज्यादा मौजूद रहते है..

छुट्टी तो आती है, पर कोई आराम नहीं आता, क्यों औरत के हिस्से में उसका इतवार नहीं आता.

भरोसें के काबिल नहीं है ये जिंदगी..!! शिकायत हो या मोहब्बत,अभी कर लो..!!

Translate »