बहुत कम लोग जानते हैं कि वो बहुत कम जानते हैं

रिश्तें गर बंधे हो “दिल” की डोरी से तो दूर नहीं होते किसी भी “मजबूरी” से....!!

किसी रोज सुबह का कुछ ऐसा नजारा हों खुलें जब ऑंखें सामने चेहरा तुम्हारा हों.!

यही जगत की रीत है, यही जगत की नीत मन के हारे हार है, मन के जीते जीत

न कर यूं बेवक्त बारिश हे भगवान किसान के चेहरे की खुशी खेतों में पड़ी है।

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