जितने सच्चे रहोगे, उतने ही अकेले रहोगे...

अपनी पीड़ा के लिए संसार को दोष मत दो अपने मन को समझाओ तुम्हारे मन का परिवर्तन ही तुम्हारे दुखों का अंत है !

उम्मीद अच्छी है, पर हर किसी से नहीं...

एक आँसू भी हुकूमत के लिए ख़तरा है तुम ने देखा नहीं आँखों का समुंदर होना । मुनव्वर राना

मिट्टी के बंधन से मुक्ति पेड़ के लिए आज़ादी नहीं है।

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