यूं तो सब समेट लाया था शहर से तेरे
मगर वो मन्नत के धागे मज़ार पर बंधे रह गए..
पता नहीं था चाहत ऐसी भी हो जाएगी
तुम मिलोगे और आदत तुम्हारी हो जाएगी...
जेब खाली होने पर टूट जाता है हर वो रिश्ता जो खास होता है ,
हाल पूछता है हर कोई जब पैसा आपके पास होता है...!!
हर स्त्री कुछ हद तक शिव के जैसी होती है,
क़तरा-क़तरा विष जीवनभर पिया करती है…
ईश्वर का मौन, सुन पाना और
उन, इशारों पर चलते जाना ।
ले जाएगा यही, कामरानी तक
तेरा जज़्बा तेरा यूं साहस भर चलते जाना।
राजा की जान
🦜 में है..
पैसों के अलावा अब किसी के
आने जाने से फर्क नहीं पड़ता।
प्यादो से बस्ती जलवाकर राजा मातम मनाते हैं,राजनीतिक लोग इसी चक्रव्यूह में शासन चलाते हैं।
बिछड़ते वक्तगले लग कर इश्क़ वाले
अपनी रूह इक दूसरे मेंछोड़ आते हैं।
जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।
स्वामी विवेकानंद
अपने राज दिल में रखा करो,यहां दोस्तों के भी दोस्त होते हैं..!!
दुख उत्पन्न करने वाली चीजों से दूर रहो !
जमीं पे एक ही औरत दिखाई देती है ,
मुझें तो माँ की मोहब्बत दिखाई देती है ।।
बारिश के मौसम में सन्नाटे में, एकांत का असली सुख पता चलता है, हम जिस रस में होते हैं उसी में डूब जाते हैं, इसमें भी हल्की ध्वनि में संगीत सुनते हुए मदिरापान का आनंद शेष सभी प्रकार के सुखों...
राम दवा हैं रोग नहीं हैं सुन लेना
राम त्याग हैं भोग नहीं हैं सुन लेना
हरिओम पंवार
हर चीज़ किसी न किसी
कारणवश ही घटित होती है।
हकीकत में हकीकत है, हकीकत को खुदा जाने ,
मेरे दिल में मोहब्बत है , तेरे दिल की खुदा जाने ।।
मैं आज भी अपनी कमाई माँ के हाथ में देता हूँ उस सेख़र्चा लेने से घर में बरकत रहती है!🌹
कुछ इस तरह लगना तुम गले मुझ से,
कि छीन लेना मन की उदासियां सारी .!
मैं तेरे साथ 'गुज़ारा' भी नहीं कर सकता..
और अफ़्सोस 'किनारा' भी नहीं कर सकता..!!