"अगर अपनी औकात देखनी है तो ,
अपने बाप के पैसे का इस्तेमाल करना छोड़ दो ।।
छोड़ न देना हमें राह-ए-मोहब्बत में.... ज़माना बड़ा तलबगार है, हमें तन्हा देखने के लिए..!!
बेसबब तो नहीं है,
दिल ही तो है
यूँ ही तेरे आगे बेबस तो नहीं है !
लगता होगा चांद बहुत खूबसूरत है ,मगर लोगों ने तुम्हें देखा ही कहां है ।।
कुछ लोग आँसू रोकते हैंबेहिसाब रोकते हैइसलिये नहीं कि वे मजबूत होते हैं
बल्कि इसलिये किउनके पास कमजोर कंधों का कारवां होता है…!!
बांधकर "विरह" की बेड़ियों से मुझे "आईना" दिखाया था,
मैं "गधा" हूं "इंसान" नहीं ये बात उसने मुझे सिखाया था..!!
विरक्ति
सपने पूरे होंगे लेकिन आप ,
सपने देखना शुरू तो करें..!!
बड़ा ही मुश्किल है
उस वक्त में मुस्कुराना
जब जिंदगी रुला रही हो
कितना आसान है
सब्र का टूट कर बिखर जाना
जब जिंदगी इम्तहान ले रही हो
चारो तरफ ही नज़रे फैलाते है
की कोई तो उम्मीद बची हो
और उस मझधार से
निकालने के लिए...
मेरे कांच जैसे दिल मे,
कुछ पत्थर जैसे लोग रहते है।
❤️🩹
तुम्हारी यादों के सिक्के…!! रातों में बे आवाज़ बजते हैं …!!
कुत्ता को घी और मानसिक विछिप्त व्यक्ति को पॉवर नहीं पचता है ।
सच्चे प्यार करने वाले जिकर नहीं करते
लेकिन फिकर बहुत करते हैं
मैंने अपनी ज़िंदगी के सारे, महंगें सबक सस्ते लोगों से सीखे हैं...
वही फिर मुझे याद आने लगे हैंजिन्हें भूलने में ज़माने लगे हैंl
रुतबा रोब का होना चाहिए,
अकड़ तो कुत्ते की पूंछ में भी होती हैं…
मेरी ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग भी आए जो साथ बैठ कर हंसते थे...और मेरे पीठ पीछे मुझे ही डसते थे..!!
जो गर्दन हर जगह झुक जाए, उसपर ताज अच्छे नहीं लगते...
नींदें वापस कर दी हमने,,सुकून भरी रातों को।
किताबों के संग ' हर रात बितानी थी, आँखों को।।
सेजल
डिप्रेशन और टेंशन में रहने से अच्छा है कि..आकर मेरे दिल में रह लो🎉❤️🐒
जमाने में निकल कर देखी हिंदू मुस्लिम की जलन,लहू में लथपथ हो गयी इंसानियत लिखते हुए कलम.