वहम में पले रिश्ते अपने आप भी खत्म हो जाते हैंहर बार कसूर किसी गलतियों का मोहताज नहीं होता..
दरिया हो या पहाड़ हो टकराना चाहिए
जब तक न साँस टूटे जिए जाना चाहिए
जिसे आपके गुस्से की परवाह नहीं, यकीं मानो उस व्यक्ति को तुमसे कोई लगाव नही॥
शेर की तरह ज़िन्दगी जियो,
चाहे कर्म करो या कांड करो।
गुज़रो जो बाग़ से तो दुआ माँगते चलो
जिसमें खिले हैं फूल वो डाली हरी रहे
ये मत पूछो पहचान कहां तक है ,
तू बदनाम कर तेरी औकात जहां तक है..
जिंदगी शिकायतो को लेकर पीछे पड़ा है
और मेरा हौसला मुस्कुराने की जिद लिए बैठा है..!!
पिता एक उम्मीद है, एक आस है,बच्चों की हिम्मत और विश्वास है!
अब शहर भर जाते हैं,
और लाइफ खाली हो जाती है।
अनघ शर्मा
किरदार की बदबू महंगे से महंगें,
परफ्यूम से भी नहीं छुपा सकते हो...
"CRUSH" तो दूर की बात है,
मुझ पर तो किसी को
तरस भी नहीं आता..,!!
मुस्कान के सिवा कुछ न लाया कर चेहरे पर ,
मेरी फ़िक्र हार जाती है तेरी मायूसी देखकर ।।
कभी-कभी थोड़ा पलायन बहुत स्वस्थ होता है।
~ धर्मवीर भारती
वह झूठ बोल रहा था बड़े सलिके से ,,मैं ऐतबार न करता तो क्या करता..!!
दिल्ली में थूका, चाटा,गधे को बनाया बाप
नाम तो लिया नहीं फिर कैसे समझे आप ?
जोगीरा सारा रारा...
कबीरा खड़ा बाजार में, सबकी मांगे खैर,न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर।
ज़िन्दगी की तलाश में हम मौत के कितने पास आ गए
हर कोई माँ की मोहब्बत की बात करता है ,
लेकिन बाप की कुरबानियों का जिक्र कोई नहीं करता है ...
ना मैं किसी की,
ना कोई मेरा ..
इस गुजरती रात का,
मैं हूं आने वाला सवेरा !
तेरी आँखें नीले आसमान को लज्जित कर देती हैं,
तेरा मुस्काना फूलों को भी फीका कर देता है।
तेरे बालों की लहरों में, समंदर भी खो जाएगा,
तेरी आवाज़ से बुलबुल की चहचहाहट फीकी पड़ जाएगी।
तू है अपनी खूबसूरती में बेमिसाल।
तुझमें सारी सुंदरता...