पसंद उसे कीजिए जो आप में परिवर्तन लाये,वरना प्रभावित तो मदारी भी कर लेते हैं..!!
दर्द नहीं, "दवा" बनिये….!!आप बशर रहिए, ना खुदा बनिये..!!(बशर- इंसान)
सिर्फ सांत्वना स्वीकार नही,
इस बार पूरी तरह से न्याय चाहिए।
हैवानो की सजा के साथ - साथ,
हर नजर में पुराना सम्मान चाहिए।
सेजल
इस बरस भी फिर से वहीं मलाल रह जाएगा
हाथो में तेरे नाम का गुलाल राह जाएगा!!
मन से उतर रहे हैं,
दिल में रहने वाले...
मस्तमौला होकर जीना अपनी ज़िन्दगी,तुम परेशानियों से मत हारना,ज़िम्मेदारी कितनी भी परत चढ़ा दे सिलवटों की,कभी अपने बचपन को मत मारना..!!
साथ रहकर जो छल करे, उससे बड़ा शत्रु कोई नहीं होता...
दुआ के वक्त आंखों का भर आना,
कुबूलियत की सबसे बड़ी दलील है !!
संघर्षों की समर भूमि में, हमसे पूछो हम कैसे हैं, कालचक्र के चक्रव्यूह में, हम भी अभिमन्यु जैसे हैं। हरिओम पंवार
दुश्मन भी दुआ दें फितरत ऐसी है
अपने ही दगा दे किस्मत ऐसी है!
उन अक्लमंदो से दूरी अच्छी है,
जो हमें बेवकूफ समझते हैं...
किनारा न मिले तो कोई बात नहीं,
दूसरों को डुबाके मुझे तैरना नहीं है।
अच्छे रहते हैं वो लोग
जो परवाह नही करते ..!!
आईने बेचता था कोई पूछता ना था ,जबसे मुखौटे रख लिए धंधा चमक गया ।।
सुन्दरता सस्ती चारित्र महंगा, घडी सस्ती समय महंगा....!!
तुम बदल गए,हम संभल गए बात खत्म…
खुदा से कहां कुछ छिपा है कभी मोहतरमा,मैं तुमसे दूर हुआ इसमें भी रजा उसी की थी..!!
एक अदा से शुरू एक अन्दाज़ पर खत्म होती है , नजर से शुरु हुई मोहब्बत नजरअंदाज पर खत्म होती है !!
एक लात पड़ी थी तो पूरा देश सर पर उठा लिया
गर्दन कट गई तो सन्नाटा है...!
इस सन्नाटे को में क्या नाम दू....?
पुराना विवाद
आपसी रंजिश
पैसे की लेती देती
या फिर....
भाई चारा....
या फिर....
दलाली....???
आत्मसम्मान पर लगी चोट इंसान
का वर्तमान और भविष्य दोनों बदल देती है