मुझसे नफ़रत करनी है तो होंश से करना , ज़रा भी चुके तो मोहब्बत हो जाएगी ..!!
लोगो को रियलिटी से ज्यादा,
अंधविश्वास में जीना पसंद हैं...
वो इंसान दुनिया में सबसे धनवान है,जो कम से कम में भी संतुष्ट है,क्योंकि संतुष्टि ही प्रकृति की दौलत है !
प्रेम सिर्फ अपने अच्छे कर्मों और ईश्वर से करो... ईश्वर सदैव आपका समिप होते हैं....!!
मितरों 20 मिनट तक सांस रोक कर रखो,
👇
आपकी 'महबूबा' आपके कदमों मे होगी !
ये इश्क़ नहीं आसां इतना ही समझ लीजे
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है
जिगर मुरादाबादी
दूसरों की आंखों में आंसू लाने वाले ये क्यों भूल जाते हैंकि भगवान ने दो आंखें उन्हें भी दी हैं और कर्म समय चक्र के साथ घूमकर एक दिन हमारे समक्ष अवश्य आते हैं।
मुझे अकेले चलेने में बहुत मज्जा आता है,
क्योंकि ना कोई आगे चलता है और ना कोई पीछे छूटता है…
सफेद सलवार पे पीली कुर्तीमत पहना करो 😍
मम्मी देखकर बोलती है देख तेरीकढ़ी चावल आ रही.!! 🤓😁
सबका ख़ुशी से फासला एक कदम हैं ,हर घर में बस एक ही कमरा कम हैं ..
~ जावेद अख्तर
सोचता हूँ कि उस की याद आख़िर
अब किसे रात भर जगाती है...
खलल पड़ता है मेरी नींद में मुर्शदजब कोई ख्याल मेरे ज़हन पर हावी होता है
स्नेह के उत्तर में माँ शीर्ष पर है, पिता तो सदा प्रश्नों में आते हैं !
रास्ते कभी नहीं बताते कितना जुनून था तुममें,
मंजिल पर पहुँचने वाले को ही जानते हैं लोग!
तू ज़ाहिर है लफ़्ज़ों में मेरे
मैं गुमनाम हूँ खामोशियों में तेरी…
कहते हैं जीते हैं उम्मीद पे लोग,हमको तो जीने की भी उम्मीद नहीं !
ये रविवार नही आसान
कपड़ो का दरिया है
धो धो कर सुखाना है.
बेहिसाब उधड़ी पड़ी हैं ख्वाहिशों की चादरें
कोई दर्जी सलीखे का शहर में बिठाया जाए!
नज़रों से गुनगुना कर
कोई धुन तराशते हैं
जो अनजाने चेहरों में
खुशियाँ तलाशते हैं
अपनों में तो बस जिन्हें
ऐब ही दिखते हैं
वो गैरों की खातिर
बेकीमत बिकते हैं....
ऐसे माहौल में दवा क्या है दुआ क्या है ,
जहाँ कातिल ही खुद पूछे कि हुआ क्या है ..!!