इस भरी गर्मी में कुछ तो सुकून आ जाये..!या तो तू आ जाये या मानसून आ जाये..!!
बच्चों की सी फितरत है मेरी हसरतों की... ज़िद करना , मचल जाना , फिर..... खुद ही संभल जाना..!!
अंत केवल मृत्यु है,
हर दिन प्रयत्न करना जीवन है!
दरिया हो या पहाड़ हो टकराना चाहिए
जब तक न साँस टूटे जिए जाना चाहिए
क्या उस गली में कभी तेरा जाना हुआजहाँ से ज़माने को गुज़रे ज़माना हुआमेरा समय तो वहीं पे है ठहरा हुआबताऊँ तुम्हें क्या मेरे साथ क्या-क्या हुआम्म हम्म, खामोशियाँ एक साज़ हैंतुम धुन कोई लाओ ज़रा….