जाना पहले तय कर लेते हैं,लोग विदा बाद में लेते हैं.
कभी अकेला चलना पड़े तो डरिए मत क्योंकिश्मशान, शिखर और सिंहासन पर इंसान अकेला ही होता है…
अगर मोहोब्बत जिस्म से होतीतो तुमसे ही कियू होती हजारों से होती…
अवसर के बिना काबिलियत कुछ भी नहीं है।
नेपोलियन
जिंदगी का सबसे कठिन काम है,
सही इंसान की पहचान करना....
ख़ुशियों के झोंके सा है वोजिसे भी छूकर गुजर जाता हैज़हन में उसके मुस्कुराहटें भर जाता है
-मधुलिका
मुझसे नही कटती ये उदास रातें ,
कल सूरज से कहो मुझे ले कर ढूबे ।।
दुर्घटना तो जन्म है
मृत्यु तो घटना का अंत है
धूप तो यूँ ही बदनाम है ,जलन तो इंसानों को एक दुसरे से है ..!!
हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते है,मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिन्दुस्तान कहते हैं,
जो ये दीवार का सुराख है साज़िश है लोगों की,मगर हम इसको अपने घर का रोशनदान कहते हैं !
तुम छाये रहना मुझपर बसंत की बहार बनकर
मैं खिला रहूँगा तुझमें फूल 'पलाश' का बनकर
तुझे पा लूं गर मैंपल भर को भी,
तो पल भर में मैंसदियां बिता दूं।
जलाकर हसरत की राह पर चिराग़ आरजू के , . . हम तन्हा रातों में तेरे मिलने का इंतज़ार करते हैं...!!
तुम किसी का कुछ नहीं उखाड़ सकते सकून से चाय पीओ और मज़े में रहो...
हमारे खून से पाई है तुमने आजादी,
हमीं से पूछते हो तुम हमारा हक़ क्या हैं...
ख़ुशियों के झोंके सा है वो
जिसे भी छूकर गुजर जाता हैज़हन में उसके मुस्कुराहटें भर जाता है
कर्ज़ लेकर परेशान वही होता है,जो कर्ज़ चुकाने की सोचता है….
दहेज की आग मेंजिंदा जला कर मारी गईअधिकतर मासूम लड़कियों कोबचाया जा सकता थायदिपिता ने बेटियों कोसोने के आभूषणों के स्थान परघर लौटने काकेवल एक अकेला अधिकार दिया होता।
जिनके दिल साफ होते हैं,वो हर जगह से ठुकरा दिए जाते हैं
ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं।
वो हम ही हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं
और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है।
स्वामी विवेकानंद