World's Best Cow Hospital

तबाह होकर भी तबाह नही दिखती...ये इश्क़ है इसकी कोई दवा नही बिकती...

सबका ख़ुशी से फासला एक कदम हैं ,हर घर में बस एक ही कमरा कम हैं .. ~ जावेद अख्तर

मेरे लिए इतिहास केवल हमारे मिलन की बेला रही , और गणित तुम्हारा मुझ से रूठने मनाने का फलसफा , भूगोल की कक्षा मे मैंने केवल तुम्हारी मुझ से दूरी को ही नापा , मैंने तुम्हारे प्रेम मे अपने वाक्यों का पूर्णविराम कभी नही खोजा 🙂 मेरे हर सवाल...

"पाई पाई, तेरे जुल्मों का हिसाब रखेंगे,हम सब याद रखेंगे!"

बड़ा एहसान हम फ़रमा रहे हैं कि उन के ख़त उन्हें लौटा रहे हैं किसी सूरत उन्हें नफ़रत हो हम से हम अपने ऐब ख़ुद गिनवा रहे हैं वो पागल मस्त है अपनी वफ़ा में मिरी आँखों में आँसू आ रहे हैं अजब कुछ रब्त है...

जमाने में निकल कर देखी हिंदू मुस्लिम की जलन,लहू में लथपथ हो गयी इंसानियत लिखते हुए कलम.

व्यापार हो या व्यवहार उन्हीं लोगों से रखो , जिनकी जान से ज्यादा जुबान की कीमत हो ..!!

इतना भी बुरा मत समझो हमें हमें दर्द सहने की आदत है दर्द देने की नहीं ..

हम बने ही थे तबाह होने के लिए तेरा मिलना तो बस एक बहाना था

कभी कभार मचलता था , अब जियादा है ये दिल कमीना बड़ा ही हरामजादा है

हादसों को जो संग ले जाना था सब ले गये,एक सबक़ ज़िंदगी का मगर हमको दे गये !

उसके घरवालों को कैसे समझाऊंजब वो फोन पर रोती है तो मेरा खून खौलता है..

हम पहुंचेंगे हर घर तक, न्याय का हक़, मिलने तक! गली, मोहल्ला, संसद तक न्याय का हक़, मिलने तक! सहो मत...डरो मत!

तमाम उम्र रूटने मनाने में गुजार दी,,,, हमदर्द कहते है जनाब गर जिंदगी में लुफ्त चाहिए तों इश्क कीजिये

हालात बिगड़ने लगे तुम बिछड़ने लगे हम दोनों को हालातो से लड़ना था, तुम हमसे लड़ने लगे

मैं ढूंढता हूं खुद में ही खुद कोमैं शायद वो नहीं जो हुआ करता था !

कुछ लोग भूलने के नहीं, बल्कि दफनाने के काबिल होते हैं...

आधुनिक युग मे मनुष्य अब सम्मान से ज्यादा "सामान" पाने की चाह में रहता है. मृदुल눈

तू श्रृंगार क्यूँ नहीं करती तेरी सादगी जान लेती है

अहंकार की...सबसे बड़ी खराबी यही है कि...यह कभी भी इन्सान को..महसूस नहीं होने देता कि... वह गलत है...


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