आते नहीं हैं लोग असल किरदार में कभी, यहाँ एक से बढ़कर एक अदाकार हैं सभी
जरा भी असर नहीं होता मुझ पर इन सांपों के ज़हर का,
मैंने अपनी जवानी में एक मशहूर नागिन को मुंह लगाया था !
वो इंसान दुनिया में सबसे धनवान है,जो कम से कम में भी संतुष्ट है,क्योंकि संतुष्टि ही प्रकृति की दौलत है !
तुम परवाह करना छोड़ दो, लोग तकलीफ देना छोड़ देंगे।
ये सरासर गलत है कि मेरा कोई पता नहीं
दरअसल मुझे ढूंढने की हद तक कोई ढूंढता नहीं !
मैं गांव की अबोध लड़की कहां छुपा पाऊंगी तुम्हारे प्रेम को….मैं मुस्कुराती भी हूं, तो लोगों को शक हो जाता है…
सफर में मुश्किलें आये तो जरूरत और बढ़ती है..
कोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती है..!!
छल के युग में सच बोलना एक क्रांतिकारी कार्य है.!
जॉर्ज आॉरवेल
हसरतें दफन हैं मुझमे
ख़ुद का ख़ुद मज़ार हूं मैं!!
मैं नत्मस्तक तक हो गया था जिसके प्यार में,वो मगरूर मेरी बेबसी पर मूकदर्शक बनी रही..!!
कभी बच्चों सी झलकती हैं नादानियां मुझमें,
कभी इतना संभालता हूं की उम्र कांप जाती है..
“ये फ़र्ज़ रहे ध्यान में,लिखा है संविधान में,अगर कोई भी बात,तेरा मन गई कचोट कर,तू वोट कर,ये प्रश्न तेरे बल का है,सवाल तेरे कल का है,समय ये फ़ैसले का फिर से,आ गया है लौट कर,तू वोट कर”
पैसा इंसान का लिबास तो,
बदल सकता है पर औकात कभी नहीं...
स्त्री और मिस्त्री से,
टकराने का मतलब घर का नक्शा बिगाड़ना।
हर लम्हा लंबा और भारी है,
तुम्हें भुलाने की जंग जारी है...
वो जो साँसों में बसे रहते हैं,
उन्हीं से मिलती चोट भारी है...
गुनाह और ज़ख़्म छिपते नहीं,
कोशिशें शिद्दत से जारी है...
हर एक तंज़ का जवाब है,
कुछ तो हमनें...
सूरज सितारे चाँद मेरे साथ में रहे,जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे..
और फिर मैंने
सफर को ही हमसफ़र बना लिया
🖤
और वो जो मुझे छोड़कर गए हैं ना वो लौटेंगे एक दिन मगर मैं उन्हें मिलूंगा नहीं.
शिद्दत से मेहनत करो यार… प्रेमिका केवल संभोग सुख दे सकती है, सफ़लता नही…!
कुछ देर की ख़ामोशी है फिर शोर आएगा
तुम्हारा सिर्फ़ वक़्त आया है हमारा दौर आएगा।