ज़िन्दगी गुज़ारने के 2 तरीक़े है,
जो हो रहा है होने दो बरदाश्त करो,
या फिर ज़िम्मेदारी उठाओ उसे बदलने की..!
संघर्षों में मंजे लोगों की चमक
आसानी से फीकी नहीं पड़ती।
हम तर्क से पराजित होने वाले नहीं है।
हाँ, यदि कोई चाहे तो प्यार,
त्याग और चरित्र से हमें जीत सकता है।
-रामधारी सिंह 'दिनकर'
दिल बड़ा रखो
हैसियत छोटी भी होगी तो चलेगा
नुमाइश करने से बढ़ नही जाता इश्क़, इश्क़ वो भी करते है जो इज़हार नही करते।।
मिलकर सबसे रहिए यारों,
लेकिन दबकर किसी से भी नही...
इश्क़ और तबियत का कोई भरोसा नहीं मुर्शिद , मिजाज़ से दोनों ही दगाबाज़ हैं ..!!
हदों में रहोगे तो लिहाज देखोगे
पार कर ली तो फिर मिज़ाज देखोगे..
मोहब्बत रंग दे जाती है जब दिल दिल से मिलता हैमगर मुश्किल तो ये है दिल बड़ी मुश्किल से मिलता है
घर के बाहर ढूँढता रहता हूँ दुनिया
घर के अंदर दुनिया-दारी रहती है
धैर्य बनाकर रखें और मेहनत करते रहें,आपका किस्सा नहीं एक दिन कहानी बनेगी..!!
बेहद ख्याल रखा करो तुम अपना,मेरी आम सी जिंदगी में बहुत खास हो तुम ..!!
मंज़िल के नशे में, मैं घर छोड़ आया।
वो मुझे नशे में देख कर घर ले आए।
अपनी ज़ात से तंग मैं सामान पीछे छोड़ आया।
मेरे खाली कंधे देख, वो रिश्तों का बोझ ले आए।
स्वार्थ की बदबू मारने वाले मतलबी लोग…..
मतलब होने पर चंदन सी सुग़न्धित बातें करते है !!!
तुम्हारे अंदर जितना दर्द हैं,
बेशक उतना ही इश्क़ भी रहा होगा !
तुम बदल गए,हम संभल गए बात खत्म…
मसला सुकून का है,
जिंदगी काट तो हर कोई रहा है !
कोई भी नशा आदमी के लालच से बड़ा नहीं होता!
मदन कश्यप