जिंदगी से एक सबक मिल गया है,अकड़ में रहोगे तो लोग औकात में रहते हैं !
व्यवहार में सुंदरता रखो लडकियों
चेहरे पर मरने वाले घर नहीं ले जाया करते….!!
“मनुष्य दूसरों की दृष्टि में कभी पूर्ण नहीं हो सकता,
पर उसे अपनी आँखों से तो नहीं ही गिरना चाहिए.! ”
जयशंकर प्रसाद
मुँह में ज़ुबान सब रखते हैं,
मगर कमाल वो करते है,
जो उसे संभाल कर रखते हैं …..!!!
अरे झूठ ही सही लेकिन काश कभी,
मैं तेरे ख्वाबों का वहम बन जाऊं,
तू इज़हार तो कर अपनी मोहब्बत का,
मैं तेरे मरीज-ए-इश्क का मरहम बन जाऊं..!!
विरक्ति
रूठ जाने कि सदी गुज़र गई..
अब नज़र अंदाज़ करने का ज़माना है..!!
सिंगल विंगल तो बस कहने की बात है वरना,थोड़ा बहुत चक्कर तो सबका चल रहा है...
पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुवा, पंडित भया न कोइ।
ढाई आखर प्रेम का, पढ़ै सो पंडित होइ॥
कबीर दास
बुरा वक़्त भी गुज़र ही जाता हैबस रब को हमारा सबर आजमाना होता है!
अगर तुमअपनी सांसों को रोक सकोतभी किसी को रोकना,अगर तुमअपनी धड़कनों को रोक सकोतभी किसी को रोकना,अगर तुमअपने छूटते प्राण को रोक सकोतभी किसी को रोकना,अन्यथाजाने दो जिसे जाना है,
मत करो विलाप किसी के जाने का
~ अम्बष्ठ
तेरी आवाज़ मेरी रोजी-रोटी हुआ करती थी ,तू मुझे भूख से मारेगा मैंने सोचा भी ना था !!
अरमान सिर्फ उतने ही अच्छे है जहाँ,
स्वाभिमान गिरवी रखने की जरूरत ही ना पड़े…!!
तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है
मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है
तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहींएक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
~क़तील शिफ़ाई
मुस्कान के सिवा कुछ न लाया कर चेहरे पर ,
मेरी फ़िक्र हार जाती है तेरी मायूसी देखकर ।।
हम जो आपसे मिले है इत्तेफाक थोड़ी है,
मिल कर तुमको छोड़ दे मज़ाक थोड़ी है।
इतने हिस्सों में बँट गए है हम ..
जैसे अंदर से कट गए है हम … !!
बहुत ज़्यादा फ़र्क पड़ने के बाद..
फ़िर कुछ ख़ास फ़र्क नहीं पड़ता..!!
साथ मेरे चलना इतना आसान तो नहीतुझे अभी दुनियां की पहचान तो नहीबेहतर है के छोड़ दो तुम जिद्द करनाजिंदा इश्क के आग मैं जलना ये तुम्हारे मिज़ाज़ मैं नही !!
आते नहीं हैं लोग असल किरदार में कभी, यहाँ एक से बढ़कर एक अदाकार हैं सभी