जिसे रास नहीं सच्चाई से पिरोई भौतिक लेखनी,
वही मेरे दिली जज्बातों को नजरंदाज करेगा,
और जो महसूस कर सकेगा दर्द मेरे लफ़्ज़ों का,
वो "मोहब्बत" से "नफरत" बेहिसाब करेगा..!!
विरक्ति
बाप उस वक्त टूट जाता है!..
जब बच्चे जिद करे कुछ खाने की,
और जेब में पैसे ना हो!...
पैसे वालों की चमचागिरी करती है दुनिया,
गरीब और मजदूर की सुनता कौन है।
माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रौंदे मोहे, एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूंगी तोहे- कबीर
दुख, फरेब, गरीबी और बदनसीबी को मापना सिखाता हूं,
अपनी कलम कि धार से, मैं समाज को आईना दिखाता हूं..
तू कर इल्तेजा या फिर मेरे पांव पड़ के देख
अब न मिलूंगा चाहे तो तू सोने का बन के देख !!
वास्तव में वह व्यक्ति बुद्धिमान है..जो क्रोध में भी गलत बात नहीं बोलता हैं.!!
जवानी की उम्र अक्सर ,
पसंदीदा चीजों की कुर्बानी मांगती है ।।
मैं गांव की अबोध लड़की कहां छुपा पाऊंगी तुम्हारे प्रेम को….मैं मुस्कुराती भी हूं, तो लोगों को शक हो जाता है…
जिंदगी की लंबाई नहीं....
गहराई मायने रखती है....!!
मैंने तमाम बुरे लम्हात अकेले गुजारे हैं मैं किसी का शुक्र गुज़ार नहीं हूं!
हर कोई इश्क़ का मारा नही होता कुछ लोग शौक़ से भी लिखते है...
बारिश है ,चाय है ,संग तेरी यादें भी
बस तुम्हारी जगह किताबें आ बैठी हैं..!
मनीषा शर्मा
मेरी हर गुफ्तगू जमीन से रही,
यूँ तो फुर्सत में आसमान भी था...
बिना बात के खुश रहा करो 4 लोग सोचे कि इसको इतनी खुशी है किस बात की 😂
बहुत थे मेरे भी इस दुनिया में अपने,
फिर हुआ इश्क़ और हम लावारिस हो गए ..!!
याद करोगे तो याद रहोगे वरनायाददास हमारी भी कमजोर है जनाब !
ज़रूरतें तो फिर भी मान जातीं हैं
भूख के पास मगर होता नहीं दिमाग़
अगर विश्वास खुद पर हो तो, उजड़ी हुई जिंदगी भी खिल जाती है...
सबसे बड़ी ख़ुशी उसी काम को करने में है ,जिसे लोग कहते हैं कि ये तुम्हारे बस का नहीं है …