तिनका सी मैं औरसंमुदर सा इश्क़,डूबने का डर औरडूबना हैं इश्क़ ,,,
कविता गाकर रिझाने के लिए नहीं समझ कर खो जाने के लिए है।
रामधारी सिंह दिनकर
दस्तक और आवाज तो कानों के लिए है जो रूह तक सुनाई दे उसे खामोशी कहते है
सफलता का अर्थ है बहुत धैर्यवान होना
लेकिन समय आने पर आक्रामक होना।
वहीं लोग मोहब्बत पे अच्छी पंक्तियां लिख पाते हैंजो लोग मोहब्बत में अक्सर ठुकरा दिये जाते है..!!
कुछ ऐसे लोग भी मिलेंगे जिंदगी में ,
जो साथ बैठकर हंसेंगें और पीठ पीछे डसेंगे
तुम्हें गुरुर है तुम्हारा वक्त बोल रहा है!
हमें यकीन है हमारा सब्र बोलेगा!!
सुनोतस्वीर मेंतुम्हें देखनातुम्हें याद करनातुम्हें महसूस करनाऔर हर पल यह सोचनाकि तुम होती तो ऐसा होताग़र जो तुम होती तो वैसा होताहाय! सब कुछ कितना प्यारा होताकितना, कितना, कितना ही सुन्दर होता…
कौन रखेगा मेरे होठों पे उंगली अपनी..कौन बोलेगा "नहीं, ऐसा नहीं कहते"..