रिश्ते नातों के बिना ये जिंदगी वैसी हैजैसे लकवे से ग्रसित शरीर सुन्न पड़ी है॥
कुछ बातों से अंजान रहना ही अच्छा हैकभी कभी सब कुछ जान लेना भी तकलीफ़ देता है..
ट्विटर एक ऐसी जगह है जहाँ कोई ना कोई चुपचाप आपसे "नफरत" या "मोहब्बत" कर रहा होता है…शायद मुझसे भी कोई
दौलत, शोहरत और ताकत मिलने पर ,
इंसान बदलता नहीं है बल्कि बेनकाब होता है ...
स्त्रीतत्व को छूना भी एक कला है,स्त्री काया नहीं हृदय है..
इतरा रहे हो ज़िस्म पर नए हो इश्क़ में
रूह के तलबगार से पाला नहीं पड़ा
ब्रह्मा से कुछ लिखा भाग्य में मनुज नहीं लाया है,
अपना सुख उसने अपने भुजबल से ही पाया है।"
रामधारी सिंह 'दिनकर'
कुछ ग़म और कई उलझनें है
जो दौर है जिम्मेदारियों का तो ख्वाहिशों से भी रंजिशें है.
केवल स्वयं को ढूंढना है,बाकी सब Google पर है..!! ❤️
सफल होने के लिए तुम्हें.. खुद की दुनिया में कैद होना पड़ेगा..!!
सदा जो दिल से निकल रही हैवो शेर और नगमों में ढल रही हैकी दिल के आंगन में जैसे कोईग़ज़ल की झांझर छनक रही है
दिलों के दरवाज़े नहीं होते,
बस सरहदें होती हैं।
जो युद्ध नहीं कर सके..
उन्होंने आत्महत्या कर ली ॥
तुम्हारी यादों की मंडी ऐसे लगती है मेरे ख्वाबो में,मानों कब से हमने कुछ ख़रीदा ना हो।"
तबाह होकर भी तबाही दिखती नहीं...
ये इश्क है हुजूर..इसकी दवाई बिकती नही..!!
नफ़रत के खेल में बस ख़ून है,
मुहब्बत करो, इसमें सुकून है।
सबको लगता है खुश हूं मैसब के सब धोखे मे है…
सुनोतस्वीर मेंतुम्हें देखनातुम्हें याद करनातुम्हें महसूस करनाऔर हर पल यह सोचनाकि तुम होती तो ऐसा होताग़र जो तुम होती तो वैसा होताहाय! सब कुछ कितना प्यारा होताकितना, कितना, कितना ही सुन्दर होता…
दुआ करना दम भी उसी तरह निकले…जिस तरह तेरे दिल से हम निकले…!!