अगर तुम एक कामयाब जिंदगी चाहते हो तो👇अपने मां-बाप की इज़्ज़त और देखभाल करो।
उसे बारिश का मौसम अच्छा लगता था , मुझे उसके साथ बारिश मे भींगना !!
आज तो कलम ने भी
ताना मार दिया !
जब कोई पढ़ता ही नहीं
तो लिखते क्यू हों !!
पा तो लिया इंसाँ ने दोनों ही जहां
पर इंसाँ में इंसाँ ही बाकी न रहा
वक्त सब कुछ बदल देता हैजरूरत सिर्फ सब्र की है...!!
जिंदगी में इतने काबिल बनो कोई ये,ना बोल दे, कि मेरे बिना तेरा क्या होगा।
हम को बचपन ही से इक शौक़ था बर्बादी से
नाम लिख लिख के मिटाते थे ज़मीं पर अपना!
तमन्ना है की हर तमन्ना में तू रहे….
तुझमें मैं रहूं और मुझमें हमेशा तू रहे
दूसरों की आंखों में आंसू लाने वाले ये क्यों भूल जाते हैंकि भगवान ने दो आंखें उन्हें भी दी हैं और कर्म समय चक्र के साथ घूमकर एक दिन हमारे समक्ष अवश्य आते हैं।
न कर यूं बेवक्त बारिश हे भगवान
किसान के चेहरे की खुशी खेतों में पड़ी है।
नहीं पढ़ीं जातीं सम्पूर्ण कविता अब उनसे'दो' पंक्तियाँ दो उन्हें, किताबें वापस ले लो।
जन्नत तो सिर्फ दिल की ख्वाहिश है ,
हक़ीक़त तो माँ का होना जन्नत है ।।
वक्त और टीचर में थोड़ा सा फर्क होता है ,
टीचर सीखा कर इम्तेहान लेता है
और वक्त इम्तेहान लेकर सिखाता है ...
जमीं पे एक ही औरत दिखाई देती है ,
मुझें तो माँ की मोहब्बत दिखाई देती है ।।
रोशनी का एक कतरा भी,
अंधेरे को अपने वजूद का अहसास करा देता है...
जो ‘तुम’ ना कह कर ‘आप’ कहेबस इतने पर तो जान लुटा जाए
एक हमारे उठने से क्या होता है,
आंख दुनिया की भी तो खुलनी चाहिए...
कबीरा तेरे जगत की है कैसी ये तकदीर
जनता सारी सड़कों पर, बैठे महल फ़कीर
तुम्हारी यादों के सिक्के…!! रातों में बे आवाज़ बजते हैं …!!
कही बैठ कर वो मेरा जिक्र कर रहा होगा..... ये हिचकी सुबह से यूँ ही तो नहीं आ रही है मुझे...!!