अब Library में बैठा मेरा मन ,
प्रेम से ज्यादा सरकारी नौकरी चाहता है !
कभी न कभी ज़िन्दगी मेकिसी कवि से प्रेम जरूर करना
वो शायदनहाता कम होगापर दिन मे दो बारवो खुद को खंगलता जरूर होगाअपने अंदर के खयालो कोसड़ने से काफी पहलेकागजो पर निकालता जरूर होगा
इसलिएएक बार को हीऐसे किसी शख्स के करीब...
आधुनिक युग मे मनुष्य अब सम्मान से
ज्यादा "सामान" पाने की चाह में रहता है.
मृदुल눈
वास्ता पड़ता है तो नस्लो का पता चलता हैं,
बातों से तो हर कोई खानदानी लगता हैं...
अफ़सोस इंसानियत को भुला कर इंसानइंसानियत दिखाने का ढोंग बहुत करता है
वास्तव में वह व्यक्ति बुद्धिमान है..जो क्रोध में भी गलत बात नहीं बोलता हैं.!!
कमजोर लोग बदला लेते हैं.
ताकतवर लोग माफ कर देते हैं.
बुद्धिमान लोग नजरअंदाज कर देते हैं।"
अल्बर्ट आइंस्टीन
मुझे 'जिम जाने की क्या जरूरत है,
जीवन के बोझ तो उठा ही रहा हूं..!
विनम्रता बड़ी बलवान है,
इतनी कि निर्लज्जों को भी शर्मसार करदे।
कि इस दिल पर किसी चोट का असर नहीं होता,
दर्द इतना सह लिया हैं कि अब दर्द नहीं होता ...
बिगड़ेल है ये यादे,देर रात को टहलने निकलती है…..!!
जीवन में किसी को परखने का नहीं ,समझने का प्रयास करिए …
ठहरूँ न गली में तेरी वहशत ने कहा थामैं हद से गुज़र जाऊँ मुहब्बत ने कहा था
हमसफ़र वक़्त को बदलने वाला होना चाहिए,
वक़्त के साथ बदलने वाला नही….!!
मोमबत्ती को आखिर में ही पता चलता है कि
उसे उस धागे ने ही खत्म किया,
जिसको वो सीने में छुपाए रखती थी...
हम दोनों एक उम्र साथ चलेऔर बिछड़े तो एक पल मैं
दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि अगर तुम किसी एक ही नजरिए का दामन थामे रहोगे,
तो आगे नहीं बढ़ सकते।
कुछ उदासियां किसी से नहीं बांटी जा सकती, उन्हें खुद के अंदर ही रखने में बहुत सुकून मिलता है..!!
इतनी शिकायत, इतनी शर्तें, इतनी पाबन्दी
तुम मोहब्बत कर रहे हो या एहसान?
बड़ा एहसान हम फ़रमा रहे हैं
कि उन के ख़त उन्हें लौटा रहे हैं
किसी सूरत उन्हें नफ़रत हो हम से
हम अपने ऐब ख़ुद गिनवा रहे हैं
वो पागल मस्त है अपनी वफ़ा में
मिरी आँखों में आँसू आ रहे हैं
अजब कुछ रब्त है...