सच को कहाँ होती है तमीज़ बात करने की ,झूठों से सीखो कितना मीठा बोलते हैं …
दिल नेक होगातो दिल मे सिर्फ एक होगा
अपने अहंकार में चूर होकर,
जो सबका बाप हो जाता है,
उस तुच्छ के लिये अमरत्व का वरदान भी श्राप हो जाता है..!!
पुरुष को एक मात्र केवल ,
प्रेम से छला जा सकता हैं।
"पाई पाई, तेरे जुल्मों का हिसाब रखेंगे,हम सब याद रखेंगे!"
आज तो कलम ने भी
ताना मार दिया !
जब कोई पढ़ता ही नहीं
तो लिखते क्यू हों !!
हिचकी यादों की नागरिकता है।
वक्त कितना भी खिलाफ़ हो,
बस किरदार दमदार होना चाहिए....
पुष्प की सुगंध वायु के विपरीत कभी नहीं जाती,
लेकिन मानव के सदगुण की महक सब ओर फैल जाती है।
गौतम बुद्ध
मौत भी तू जल्दी आया कर गरीब के घर, कफन का पैसा भी खर्च होता है दवाइयां खरीदते-खरीदते..
तुमसे प्रेम करने के बाद महसूस हुआ है कि तुमसे बात करने से अक्सर मैं अपनी सारी परेशानियां,मुश्किलें भूल जाया करती हूं,जैसे एक सुकून का अनुभव होता है,जब तुम पास होते हो तो ऐसा लगता है जैसे ईश्वर से की...
ना शाखों ने जगह दी न हवाओं ने बख्शा
वो पत्ता आवारा न बनता तो और क्या करता!
हर चीज़ महंगी होती जा रही है
सस्ता है तो बस इंसान और उसके जज़्बात.!!
तुम्हारा इंतज़ार बिल्कुल वैसे ही करतीं हूँ, जैसे बचपन में करती थी पापा के दफ़्तर से लौट आने का ..!
और इक वक़्त के बाद इंसान इतना ख़ामोश हो जाता है,
कि उसकी सांसें भी ख़ामोशी में ख़लल लगती हैं.
चालाकी,
चतुराई
और
बेशर्मी
के मिश्रण को
आजकल होशियारी कहते हैं!!!
यह जानते हुएकि हवाओं संग धूल आती हैजीवन संग दुख भीचलते-चलतेऑंखें बंद कर लेनाजीते-जीतेथोड़ा कम जीने जैसा है।
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या-क्या है
मैं आ गया हूँ बता इन्तज़ाम क्या-क्या है
अपना ज़मीर जिंदा रखो,
ये पार्टीया तो आती जाती रहेंगी…
शहर से
सम्भावनाएं जुड़ी हैं ,
गॉंव से
भावनाएं जुड़ी हैं ।